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चेहरे की सूजन (Puffiness) से हैं परेशान? अपनाएं 'ठंडी चम्मच' वाला यह आसान नुस्खा और अन्य घरेलू उपाय

सुबह सोकर उठने के बाद कई बार हमारा चेहरा और आँखें सूजी हुई नजर आती हैं। इसे 'पेशियल पफिनेस' (Facial Puffiness) कहा जाता है, जो खराब नींद, नमक के अधिक सेवन या डिहाइड्रेशन के कारण हो सकती है। इसे दूर करने के लिए सोशल मीडिया पर 'ठंडी चम्मच' (Chilled Spoon Trick) का नुस्खा काफी लोकप्रिय हो रहा है।
क्या है 'ठंडी चम्मच' वाला नुस्खा?
यह तरीका बेहद सरल और प्रभावी है। इसके लिए आपको बस दो धातु की चम्मचों को कुछ मिनट के लिए फ्रीजर में रखना होगा। जब वे ठंडी हो जाएं, तो उनके घुमावदार हिस्से को अपनी आँखों के नीचे और सूजे हुए हिस्सों पर हल्के से दबाएं।
यह कैसे काम करता है?
ठंडक के संपर्क में आने से चेहरे की रक्त वाहिकाएं (Blood vessels) सिकुड़ जाती हैं, जिससे सूजन कम होती है। यह 'लिम्फैटिक ड्रेनेज' में भी मदद करता है, जिससे चेहरे पर जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ निकल जाता है और त्वचा में कसावट आती है।
सूजन कम करने के अन्य तरीके:Read more...

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विदेश यात्रा के दौरान आपकी दवाइयाँ बन सकती हैं मुसीबत, एयरपोर्ट कस्टम्स से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

अक्सर लोग विदेश यात्रा की तैयारी करते समय पासपोर्ट और वीजा पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन अपनी दवाइयों को लेकर लापरवाही बरत देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में आसानी से मिलने वाली कुछ सामान्य दवाइयाँ विदेशों में प्रतिबंधित या नियंत्रित (Controlled) हो सकती हैं, जिससे आप एयरपोर्ट कस्टम्स की जांच में फंस सकते हैं।
क्यों आती है परेशानी?
थाने स्थित केआईएमएस (KIMS) अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुंदर कृष्णन के अनुसार, दर्द निवारक (Painkillers), नींद की गोलियाँ, चिंता (Anxiety) और खांसी के सिरप (खासकर कोडीन युक्त) को लेकर विभिन्न देशों में कड़े नियम हैं। अगर आप बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) या भारी मात्रा में दवाइयाँ ले जा रहे हैं, तो कस्टम अधिकारी आपसे पूछताछ कर सकते हैं।
इन बातों का रखें खास ख्याल:
  • डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य: हमेशा अपने साथ डॉक्टर का ओरिजिनल पर्चा रखें। इसमें मरीज का नाम, बीमारी का निदान (Di Read more...

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किचन हैक: प्याज और लहसुन की जिद्दी गंध से हाथों को कैसे छुड़ाएं? एक्सपर्ट ने बताए आसान तरीके

रसोई में खाना बनाते समय प्याज और लहसुन का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन इन्हें काटने के बाद हाथों में आने वाली तीखी गंध अक्सर साबुन से धोने के बाद भी नहीं जाती। यह गंध घंटों तक बनी रह सकती है जो काफी परेशान करने वाली होती है। हाल ही में विशेषज्ञों ने इस समस्या से निपटने के लिए कुछ प्रभावी और आसान घरेलू नुस्खे साझा किए हैं।
क्यों आती है हाथों से गंध?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज और लहसुन में सल्फर युक्त यौगिक होते हैं। जब हम इन्हें काटते हैं, तो ये यौगिक त्वचा के साथ चिपक जाते हैं और पानी या साधारण साबुन से आसानी से नहीं निकलते।
गंध दूर करने के प्रभावी उपाय:
1. स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) का जादू
यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन स्टेनलेस स्टील की किसी वस्तु (जैसे चम्मच या नल) पर अपने हाथों को रगड़ने से गंध दूर हो सकती है। स्टील में मौजूद क्रोमियम लहसुन के सल्फर अणुओं के साथ प्रतिक्रिया करता है, जिससे Read more...

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बदलते भारत में पिताओं की नई भूमिका, बच्चों की परवरिश में बढ़ी भागीदारी, लेकिन 'डैड गिल्ट' भी बढ़ा

भारतीय समाज में पारंपरिक रूप से पिता को केवल 'कमाने वाला' माना जाता था, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। आधुनिक भारतीय पिता, विशेषकर युवा पुरुष, अब बच्चों के पालन-पोषण में केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने और उनके दैनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पिताओं की बढ़ती भागीदारी
हालिया रिपोर्टों और विशेषज्ञों के अनुसार, आज के युवा पिता बच्चों के डायपर बदलने से लेकर उन्हें स्कूल छोड़ने और उनके साथ खेलने तक में समय बिता रहे हैं। वे अब 'मददगार' के बजाय एक 'समान भागीदार' के रूप में खुद को देख रहे हैं। यह बदलाव कामकाजी माताओं के लिए भी एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है।
क्या है 'डैड गिल्ट' (Dad Guilt)?
इस सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ अब पुरुषों में भी 'गिल्ट' यानी अपराधबोध की भावना देखी जा रही है, जो पहले अक्सर केवल माताओं में पाई जाती थी। काम के दबाव के कारण बच्चों को पर्याप्त समय न द Read more...

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भारतीय कौवे दुनिया के सबसे बुद्धिमान पक्षियों में शामिल: शोध में हुआ बड़ा खुलासा, आप भी जानें

मुंबई, 23 दिसंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन) अक्सर शोर मचाने वाले और सामान्य समझे जाने वाले भारतीय कौवे (Indian Crows) वास्तव में दुनिया के सबसे बुद्धिमान पक्षियों की श्रेणी में आते हैं। हाल ही में 'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने पाया है कि कौवों की मानसिक क्षमता कुछ स्तनधारी जीवों (Mammals) के बराबर होती है।

इंसानी बच्चों जैसी समझ विशेषज्ञों के अनुसार, कौवों में समस्या सुलझाने (Problem-solving) का कौशल गजब का होता है। उनकी संज्ञानात्मक क्षमता (Cognitive skills) की तुलना अक्सर 4 से 5 साल के मानवीय बच्चे से की जाती है। वे न केवल पेचीदा पहेलियां सुलझा सकते हैं, बल्कि भविष्य की योजना बनाने और 'कारण और प्रभाव' (Cause and Effect) के संबंधों को समझने में भी सक्षम होते हैं।

औजार बनाने और इस्तेमाल करने में माहिर अध्ययन में यह भी सामने आया है कि कौवे केवल प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल ही नहीं करते, बल्कि वे Read more...

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