पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में स्थिति और उनकी सुरक्षा को लेकर उनके परिवार, समर्थकों और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में गहरी चिंता बढ़ती जा रही है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनके मरने की अफवाहों ने पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर दी थी।
इस बीच, इमरान खान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर 24 दिन पहले (4 नवंबर) लिखा गया एक आखिरी पोस्ट चर्चा के केंद्र में है। इस पोस्ट में उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर सीधे और कड़े शब्दों में हमला बोला था, जिसने मौजूदा अटकलों को और हवा दे दी है।
आसिम मुर पर लगाए थे गंभीर आरोप
4 नवंबर को इमरान खान के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से की गई पोस्ट में सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर जमकर हमला बोला गया था। इस पोस्ट में लिखा गया था:
"आसिम मुनीर पाकिस्तान के इतिहास का सबसे जालिम तानाशाह और मानसिक रूप से असंतुलित इंसान है। उसके शासन में ज़ुल्म की हदें पार हो गई हैं... मुनीर सत्ता के लालच में कुछ भी कर सकता है।"
इमरान खान ने यह भी आरोप लगाया था कि मुनीर ने उनके और उनकी पत्नी को नुकसान पहुंचाने की हर कोशिश की है। यह पोस्ट पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना के प्रमुख पर किसी पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सबसे तीखे हमलों में से एक था, जिसने पहले ही पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य गलियारों में तनाव बढ़ा दिया था।
क्यों फैली मौत की अफवाह?
4 नवंबर को की गई इस पोस्ट के बाद से इमरान खान की कोई नई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आई है और न ही उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा गया है। इसी चुप्पी ने उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर अटकलों को तेज़ कर दिया है।
-
पारदर्शिता की कमी: उनके बेटे कासिम खान ने आरोप लगाया है कि पिछले छह हफ्तों से उनके पिता को 'जीरो पारदर्शिता' वाली एक डेथ सेल (Death Cell) में एकांत कारावास में रखा गया है।
-
मुलाकात की मनाही: कासिम ने 27 नवंबर, 2025 को एक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, उनकी बहनों को भी पिता से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई है।
-
प्रूफ ऑफ लाइफ की मांग: परिवार को लंबे समय से मुलाकात की इजाज़त न मिलने के कारण, उनके बेटे 'प्रूफ ऑफ लाइफ' (जीवित होने का प्रमाण) मांगने को मजबूर हो गए हैं।
-
संपर्क का अभाव: कासिम ने बताया कि परिवार को न तो कोई फोन कॉल करने दिया गया है और न ही इमरान के हस्ताक्षर वाले नोट्स दिए जा रहे हैं।
पुलिस ने जेल में इमरान के साथ मारपीट की अफवाहों से इनकार किया है, लेकिन परिवार को उनसे संपर्क न करने देने की नीति ने उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर और भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
इमरान खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति पर बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं पाकिस्तान के राजनीतिक भविष्य और सैन्य-नागरिक संबंधों पर दबाव डाल रही हैं।