मुंबई, 30 मार्च, (न्यूज़ हेल्पलाइन) चॉकलेट प्रेमियों के बीच अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि डार्क चॉकलेट और मिल्क चॉकलेट में से कौन सा विकल्प बेहतर है। दो अनुभवी डाइटिशियंस ने विस्तार से बताया है कि इन दोनों के बीच केवल स्वाद का ही नहीं, बल्कि पोषण का भी एक बड़ा अंतर है।
कोको का जादू और डार्क चॉकलेट
विशेषज्ञों के अनुसार, डार्क चॉकलेट की सबसे बड़ी खूबी इसमें मौजूद कोको (Cocoa) की उच्च मात्रा है। आमतौर पर इसमें 70% या उससे अधिक कोको होता है। कोको में 'फ्लेवोनोल्स' जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं। डार्क चॉकलेट में आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे खनिज भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इसे एक 'सुपरफूड' की श्रेणी में रखते हैं।
मिल्क चॉकलेट: स्वाद में बेजोड़, पर पोषण में पीछे?
मिल्क चॉकलेट अपने मलाईदार और मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है। इसमें कोको की मात्रा काफी कम (लगभग 10% से 50%) होती है और इसमें दूध के पाउडर और चीनी का अधिक उपयोग किया जाता है। हालांकि दूध के कारण इसमें कुछ मात्रा में कैल्शियम मिल सकता है, लेकिन चीनी और सैचुरेटेड फैट की अधिकता इसके स्वास्थ्य लाभों को कम कर देती है। अधिक मात्रा में इसका सेवन वजन बढ़ाने और शुगर लेवल को प्रभावित करने का कारण बन सकता है।
क्या कहता है विज्ञान?
डाइटिशियंस का कहना है कि डार्क चॉकलेट का कड़वा स्वाद ही इसकी शुद्धता की पहचान है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो आपको लंबे समय तक संतुष्ट महसूस कराती है और मीठा खाने की क्रेविंग (Craving) को कम करती है। इसके विपरीत, मिल्क चॉकलेट का अधिक सेवन इंसुलिन स्पाइक का कारण बन सकता है, जिससे आपको बार-बार भूख लग सकती है।
कैसे करें सही चुनाव?
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि डार्क चॉकलेट खरीदते समय उसके लेबल पर कोको प्रतिशत जरूर देखें। जितना अधिक प्रतिशत होगा, चीनी उतनी ही कम होगी और लाभ उतने ही ज्यादा। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि 'हेल्दी' होने का मतलब यह नहीं है कि इसे असीमित मात्रा में खाया जाए। दिन भर में एक या दो छोटे टुकड़े ही पर्याप्त हैं।
यदि आप अपनी सेहत और दिल का ख्याल रखना चाहते हैं, तो डार्क चॉकलेट एक स्पष्ट विजेता है। लेकिन यदि आप कभी-कभी केवल स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो मिल्क चॉकलेट का एक छोटा टुकड़ा बुरा नहीं है, बस मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।